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कुंडली में होने वाला मंगल दोष अत्यधिक प्रभावशाली होता है।
कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति व दृष्टी दोनों ही प्रभाव रखते हैं ज्योतिष के अनुसार मंगल दोष का सबसे अधिक प्रभाव किसी मंगली के विवाह सम्बंधों में ही पड़ता हैं।
इसलिए जन्मकुंडली मिलान के समय मंगल दोष का उपचार कर लेना आवश्यक होता है। मंगल दोष के कारण जीवनसाथी की मौत होने की भी आंशका रहती है।
जब मंगल जन्म कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें स्थान में स्थित होता है
तब कोई व्यक्ति मंगल दोष से परेशान रहता है।
कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति व दृष्टी दोनों ही प्रभाव रखते हैं ज्योतिष के अनुसार मंगल दोष का सबसे अधिक प्रभाव किसी मंगली के विवाह सम्बंधों में ही पड़ता हैं।
इसलिए जन्मकुंडली मिलान के समय मंगल दोष का उपचार कर लेना आवश्यक होता है। मंगल दोष के कारण जीवनसाथी की मौत होने की भी आंशका रहती है।
जब मंगल जन्म कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें स्थान में स्थित होता है
तब कोई व्यक्ति मंगल दोष से परेशान रहता है।
मंगल का इन स्थानों में स्थित होने जातक के विवाह संबंधों में परेशानी आती है।
मांगलिक दोष उपाय
विवाह में देरी।
विवाह तय होने के बाद टूट जाना, विवाह होते ही वाधाएं आना।
शादी के बाद जीवनसाथी के साथ अनबन रहना।
वैवाहिक जीवन में परेशानियां। मंगल जातक का हमेशा क्रोध करते रहना।
मांगलिक दोष के प्रभाव में जातक क्रोधी, अहंकारी और झगड़ालू होता जाता है।
वैवाहिक जीवन में परेशानियां। मंगल जातक का हमेशा क्रोध करते रहना।
मांगलिक दोष के प्रभाव में जातक क्रोधी, अहंकारी और झगड़ालू होता जाता है।
मंगली लड़की के विवाह में देरी मंगली लड़की के प्रभाव से पति पर बुरा असर होना।
इस तरह के पूजा के लिए संपर्क करे मांगलिक दोष पूजा उज्जैन के लिए
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