Tuesday, August 3, 2021

अगर आपकी कुंडली में भी कालसर्प दोष है तो इस नागपंचमी पर अवश्य कालसर्प दोष पूजा उज्जैन ( kaalsarp dosh puja ujjain ) में करवाए

 अगर आपकी कुंडली में भी कालसर्प दोष है तो इस नागपंचमी पर अवश्य कालसर्प दोष पूजा उज्जैन ( kaalsarp dosh puja ujjain ) में करवाए 

 उज्जैन तीर्थ अवंतिका तीर्थ महाँकाल मंदिर के अंतर्गत वैदिक पंडितो के तत्वाधान में संपन्न  होगा !

 जो श्रद्धालु भक्तगण इस अवसर पर आकर कालसर्प दोष शाँति पूजा उज्जैन kaalsarp dosh shanti puja ujjain में  कराना चाहते  हो तो आज ही

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सम्पर्क सूत्र 8989540544 

काल सर्प दोष के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी

कालसर्प एक ऐसा योग है जो जातक पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या श्राप के फलस्वरूप उसकी जन्म कुण्डली  मे परिलक्षित होता है!

व्यवहारिक रूप से पीडित व्यक्ति आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशान तो होता ही है! एवं  उसे संतान कष्ट का सामना करना पड़ता है!

वह जातक स्वयं को दुर्बल व रोगी तथा शत्रुओं के द्वारा पीडित भी रहता है!

कैसे बनता है कालसर्प योग - जब जातक की जन्म कुंडली मे सारे ग्रह राहु और केतु के बीच अवस्थित रूप से  रहते हैं तो उक्त कुण्डली मे कालसर्प दोष नामक योग निर्मित होता है!

ये कालसर्प योग मुख्यतः 12 प्रकार के होते हैं, जिसका प्रभाव जातक की गौचर मे निर्मित ग्रहों की यथावत स्थिति पर निर्भर करता है!कि जातक कों किस प्रकार का कालसर्प दोष बना हैसभी जातकों पर इसका एक समान प्रभाव नहीं पड़ता है!ये उस जातक की कुण्डली पर परस्पर ग्रहों की उच्च, निच,कारक,अकारक,अवस्था,अंशादि,पर प्रभावित करता है!कालसर्प दोष जितना कष्टदायक होता है उतना ही ऐश्वर्य दायक भी होता है