Friday, January 28, 2022

जानिए मंगल दोष पूजा के बारे में विस्तृत जानकारी


क्या होता है मंगल दोष ?

जातक की कुंडली में प्रथम सप्तम  अष्टम द्वादश भाव में अगर मंगल की दृष्टि रहती है तो ऐसे जातक को मंगल दोष होता है !

कहा करे इस दोष की पूजा - मंगल दोष से मुक्ति हेतु मंगलनाथ मंदिर उज्जैन में आकर विधिवत रूप से इसकी पूजन करवाकर इस दोष से मुक्ति पा  सकते है  

उज्जैन में मंगलनाथ मंदिर भारत का एवं उज्जैन के प्रसिद्ध मंदिर है, इस मंदिर वर्षो से मंगल भात पूजा एवं मंगल दोष के निवारण हेतु पूजन अनुष्ठान किये जा रहे है 

 मंगल दोष जातक के दुष्प्रभाव -
 मंगल दोष से पीड़ित जातक के विवाह में परेशानी आती है ऐसे जातक को मांगलिक वर या वधु से ही साहड़ी करना चाहिए 
 जातक के घर में भी शांत एवं अच्छा माहौल नहीं रहता है 
व्यापर आदि में भी बार बार  नुकसान उठाना पड़ता है 
अगर आप भी इस दोष से मुक्ति चाहते हो तो समपर्क करे हमारे मंगल दोष पूजा विशेषज्ञ पंडित जी से 

call Now- 9713008587


Friday, December 17, 2021

क्या होता है कालसर्प दोष एवं कहा होती है इसकी पूजा ?

 क्या होता है कालसर्प दोष ? एवं कहा होती है इसकी पूजा ?

किसी जातक की कुंडली अनुसार देखा जाता है की कुंडली में राहु और केतु के बीच सारे  गृह आ जाते है तब  यह कालसर्प  दोष बनता  है तो इस दोष से मुक्ति के लिए पूजा करवानी पड़ती है !

जातक पर असर इस कालसर्प दोष का -  

1 - जातक का जीवन उतर चढ़ाव से भरा रहता है ,

2-  जीवन में कोई भी काम सफलता की और जाते जाते भी सफल नहीं हो पाना 

3- बिना वजह अपमानित होना 

4- शरीर में बार बार नए नए रोग उभर कर  आना 

5-  कालसर्पदोष के कारण घर में हमेशा तनाव पूर्ण माहौल बना रहना 

6- रात्रि में सपने में बार बार सर्प का दिखना रात में अचानक डरावने सपने आना 


पूजा स्थान - कालसर्प दोष से मुक्ति हेतु भारत में पूजा के लिए उज्जैन एवं नाशिक सर्वश्रेष्ठ स्थान माना  गया है  उसमे भी उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा के लिए विशेष माना गया है 


पूजा विधि - आप अगर जीवन में कालसर्प दोष से परेशान हो तो उज्जैन में किसी प्रसिद्ध पंडित से संपर्क करेके  कालसर्प दोष पूजा उज्जैन  kaalsarp dosh puja  ujjain  में   करवाकर इस दोष से मुक्ति पाए ! 


परिणाम - इस दोष से मुक्ति हेतु पूजन करवाकर जातक को कुछ हद तक उसको अपने जीवन में आराम मिल सकता है !




Friday, October 1, 2021

जानिये कैसे बनता कालसर्प दोष आपकी कुंडली में ?

 कालसर्प एक ऐसा योग है जो जातक पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या श्राप के फलस्वरूप उसकी जन्म कुण्डली  मे परिलक्षित होता है!

व्यवहारिक रूप से पीडित व्यक्ति आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशान तो होता ही है! एवं  उसे संतान कष्ट का सामना करना पड़ता है!

वह जातक स्वयं को दुर्बल व रोगी तथा शत्रुओं के द्वारा पीडित भी रहता है!

कैसे बनता है कालसर्प योग - जब जातक की जन्म कुंडली मे सारे ग्रह राहु और केतु के बीच अवस्थित रूप से  रहते हैं तो उक्त कुण्डली मे कालसर्प दोष नामक योग निर्मित होता है! kaalsarp dosh puja ujjain 


ये कालसर्प योग मुख्यतः 12 प्रकार के होते हैं, जिसका प्रभाव जातक की गौचर मे निर्मित ग्रहों की यथावत स्थिति पर निर्भर करता है!कि जातक कों किस प्रकार का कालसर्प दोष बना हैसभी जातकों पर इसका एक समान प्रभाव नहीं पड़ता है!ये उस जातक की कुण्डली पर परस्पर ग्रहों की उच्च, निच,कारक,अकारक,अवस्था,अंशादि,पर प्रभावित करता है!कालसर्प दोष जितना कष्टदायक होता है उतना ही ऐश्वर्य दायक भी होता है

अगर आप भी इस दोष से परेशां हो तो सम्पर्क करे हमारे कालसर्प दोष पूजा विशेषज्ञ उज्जैन में पंडित जी से 

Tuesday, August 3, 2021

अगर आपकी कुंडली में भी कालसर्प दोष है तो इस नागपंचमी पर अवश्य कालसर्प दोष पूजा उज्जैन ( kaalsarp dosh puja ujjain ) में करवाए

 अगर आपकी कुंडली में भी कालसर्प दोष है तो इस नागपंचमी पर अवश्य कालसर्प दोष पूजा उज्जैन ( kaalsarp dosh puja ujjain ) में करवाए 

 उज्जैन तीर्थ अवंतिका तीर्थ महाँकाल मंदिर के अंतर्गत वैदिक पंडितो के तत्वाधान में संपन्न  होगा !

 जो श्रद्धालु भक्तगण इस अवसर पर आकर कालसर्प दोष शाँति पूजा उज्जैन kaalsarp dosh shanti puja ujjain में  कराना चाहते  हो तो आज ही

कॉल करे और पूजन का रजिस्टेशन प्राप्त करे 

सम्पर्क सूत्र 8989540544 

काल सर्प दोष के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी

कालसर्प एक ऐसा योग है जो जातक पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या श्राप के फलस्वरूप उसकी जन्म कुण्डली  मे परिलक्षित होता है!

व्यवहारिक रूप से पीडित व्यक्ति आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशान तो होता ही है! एवं  उसे संतान कष्ट का सामना करना पड़ता है!

वह जातक स्वयं को दुर्बल व रोगी तथा शत्रुओं के द्वारा पीडित भी रहता है!

कैसे बनता है कालसर्प योग - जब जातक की जन्म कुंडली मे सारे ग्रह राहु और केतु के बीच अवस्थित रूप से  रहते हैं तो उक्त कुण्डली मे कालसर्प दोष नामक योग निर्मित होता है!

ये कालसर्प योग मुख्यतः 12 प्रकार के होते हैं, जिसका प्रभाव जातक की गौचर मे निर्मित ग्रहों की यथावत स्थिति पर निर्भर करता है!कि जातक कों किस प्रकार का कालसर्प दोष बना हैसभी जातकों पर इसका एक समान प्रभाव नहीं पड़ता है!ये उस जातक की कुण्डली पर परस्पर ग्रहों की उच्च, निच,कारक,अकारक,अवस्था,अंशादि,पर प्रभावित करता है!कालसर्प दोष जितना कष्टदायक होता है उतना ही ऐश्वर्य दायक भी होता है

Tuesday, June 29, 2021

उज्जैन मंगलनाथ मंदिर जहा पर की जाती है मंगलदोष पूजा उज्जैन कोरोना के पश्चात् इन नियमो के तहत की जाएगी पूजा पाठ एवं दर्शन

 उज्जैन मंगलनाथ मंदिर जहा पर की जाती है मंगलदोष पूजा उज्जैन कोरोना के पश्चात् इन नियमो के तहत की जाएगी पूजा पाठ एवं दर्शन 

1- वेक्सिनेशन प्रमाणपत्र होने के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया जायेगा 

2 - बिना मास्क मंदिर में प्रवेश वर्जित है !

3 - पूजा की अनुमति स्लॉट अनुसार सुबह 7 बजे से 9 बजे एवं 9 से 11 बजे इसी क्रम में दोपहर 3 बजे तक दी जावेगी !

4 - एक स्लॉट में केवल 10 पूजन ही  कराई जाएगी !

5- पहले रसीद अनुसार पूजा हेतु प्राथमिकता दी जावेगी 

6 - गर्भ गृह में 1 घंटे में 15 पूजन ही कराई जाएगी

7 - दर्शनार्थियों को दर्शन पूर्ववृत भर से कराये जायँगे !

8 - सभी पंडित पुजारी सामाजिक  दुरी का पालन करते हुए पूजा करवायंगे !

9 - सभी पुजारी पण्डितो को सेनेटाइजर का उपयो आवश्यक रूप से करना होगा 

अत: इन नियमो का पालन करने वाले व्यक्ति को ही मंदिर में प्रवेश दिया जायेगा  

Wednesday, April 14, 2021

क्या मांगलिक की शादी गैर मांगलिक से हो सकती है?

 मांगलिक दोष को लेकर या मांगलिक लड़की और लड़के की शीद को लेकर समाज में अन्धविश्वास फैला हुआ है,इसलिए लड़के और लड़की मागंलिक हो तो शादी उनके माता पिता के लिए एक प्रकार से परेशानी का कारण  बन जाती है

मांगलिक दोष को लेकर या मांगलिक लड़की और लड़के की शादी  को लेकर समाज में अन्धविश्वास फैला हुआ है,इसलिए लड़का  और लड़की मागंलिक हो तो शादी उनके माता पिता के लिए एक प्रकार से परेशानी का सबक बन जाती है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार लड़का और लड़की आगे मांगलिक हो तो यह ग्रहों की स्तिथि राहु और केतु तथा शनि की स्तिथि पर निर्भर करता  है की शादी मांगलिक है या गैर मांगलिक है!

लड़का मांगलिक   है तो उसकी किसी गैर मांगलिक लड़की से हो सकती है परन्तु राहु और केतु एवं शनि दूसरे चौथे सातवें आठवें एवं बाहर वें  भाव में बैठे हो, अगर राहु केतु और शनि इन भावो में नहीं हो तो उसकी शादी मांगलिक से नहीं हो सकती है!

मांगलिक दोष से निदान पाने के लिए जातक मंगल दोष पूजा  mangal dosh puja ujjan  भी कराते है ! मांगलिक दोष पूजा के लिए जातक उज्जैन में विशेष्ज्ञ पंडित के माध्यम से इस पूजा को सम्पन करवाते है 


Friday, April 9, 2021

कालसर्प दोष के राहत के सरलतम उपाय एवं मंत्र -

 यदि जन्म पत्रिका नहीं हो तथा जीवन में निम्नलिखित समस्याओं में से कोई एक भी हो तो वे अपने आपको #कालसर्प दोष से पीड़ित समझें तथा उपाय करें।   1. मेहनत का पूर्ण फल प्राप्त    2. व्यवसाय में हानि बार-बार होना।   3. अपनों से ठगा जाना।    4. अकारण कलंकित होना।  

5-विवाह नहीं होना या वै‍वाहिक जीवन अस्त-व्यस्त होना।   6. बार-बार चोट-दुर्घटनाएं होना।     7. स्वास्थ्य खराब होना।    8.अच्‍छे किए गए कार्य का यश दूसरों को मिलना।     9.भयावह स्वप्न बार-बार आना, नाग-नागिन बार-बार दिखना।   10.काली स्त्री, जो भयावह हो या विधवा हो, रोते हुए दिखना।    11. गर्भपात होना या संतान होकर नहीं रहना आदि लक्षणों में से कोई एक भी हो  तो #कालसर्प दोष की शांति करवाएं।   नागपंचमी के दिन किए जाने वाले कुछ प्रयोग निम्नलिखित हैं जिनके करने  से कालसर्प दोष शिथिल होता है-

kaalsarp dosh puja ujjain


, Rudrabhishek puja ujjain 

1- नाग-नागिन का जोड़ा चांदी का बनवाकर पूजन कर जल में बहाएं।