कुंडली में मंगल की स्थिति के आधार पर मांगलिक दोष निर्भर करता है। कुंडली में मांगलिक दोष है यह जानकर ही लोग घबरा जाते हैं क्योंकि इसका प्रभाव वैवाहिक जीवन के लिए अत्यंत घातक होता है। मांगलिक दोष के बारे में यह अटूट विश्वास है कि जिनकी कुंडली में यह दोष हो उन्हें मंगली जीवनसाथी से ही विवाह करना चाहिए तभी उनका वैवाहिक जीवन सफल हो सकता है।कैसे बनता है मंगल दोष…मंगल दोष अत्यधिक प्रभावशाली दोष है। मंगल ग्रह की स्थिति व दृष्टी दोनों ही मारक प्रभाव रखते हैं। मंगल दोष का सर्वाधिक प्रभाव विवाह सम्बंधों में पडता हैं। अत: जन्मकुंडली मिलान के समय मंगल दोष विचार अवश्य करना चाहिये। मंगल की जन्म कुंडली में विशेष भाव स्थिति मंगल दोष को उत्पन्न करती है।जब मंगल जन्म कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें एवम बारहवें स्थान में स्थित हो तो व्यक्ति मंगल दोष से युक्त होता हैं। मंगल का इन स्थानों में स्थित होने का मतलब है कि विवाह स्थान पर मंगल का प्रत्यक्ष प्रभाव पडना।
मांगलिक दोष पूजा मंत्र =
ॐ मंगलाय नमःॐ भूमि पुत्राय नमःॐ महाकाय नमःॐ सिद्ध मंगलाय नमःमागलिक दोष पूजा के लिए आवश् यक जानकारीजन्मतिथि, जन्म का समय, जन्म स्थान, गोत्र।एक से ज्यादा लोगों के नाम पर मंगल दोष पूजा कराने के लिए आपको हमें उनके नाम, जन्म तिथि, जन्म स्थान और गोत्र आदि की जानकारी देना अनिवार्य हैं
अगर आप भी इस तरह की पूजा करवाना चाहते है तो संपर्क करिये हमारे मंगल दोष पूजा उज्जैन विशेषज्ञ से
No comments:
Post a Comment