Friday, May 22, 2020

क्या करना चाहिए अगर जातक को एकाधिक मांगलिक दोष हो तो ???


कुंडली में बहुत सी बार एकाधिक मांगलिक दोष भी होता है। इसको समाप्त करने के लिए भी उपाय हैं। इसका मुख्य उपाय कुंभ विवाह करवाना होता है। जो मांगलिक जातक रहता है उसका विवाह किसी मिट्टी के बर्तन से करवा दें। विवाह होने के पश्चात , जिस बर्तन से विवाह कराया गया है उस बर्तन को बहते जल में प्रवाहित कर दें। इस उपाय से मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है।
                        कुंडली से मंगल दोष खत्म करने के लिए ... 

 क्या करना चाहिए मांगलिक दोष के जातक को जिससे मांगलिक दोष का प्रभाव कम हो जाये
1-मांगलिक दोष वाले जातक को प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए !
2-  जो लड़की मंगली रहती है उसको गणेश जी और मंगल यंत्र की पूजा करनी चाहिए।
3- जो मांगलिक रहता है उसको मंगलवार का व्रत करना चाहिए।

  अगर आप इस दोष से करे हमारे मंगल दोष पूजा उज्जैन  मंगल दोष पूजा उज्जैन विशेषज्ञ विशेषज्ञ पंडित जी से उज्जैन में और पूजा करवाएं दोष से मुक्ति पाये! 

Thursday, May 21, 2020

जानिए किन स्तिथियो में मंगल दोष का प्रभाव कम रहता है

1 - यदि मंगल पर गुरु की पूर्णता है दृष्टि हो तो मंगल दोष का प्रभाव नहीं रहता है
 2 -यदि मंगल अपनी मित्र राशि जैसे सी कर्क धनु मीन आदि में स्थित हो तो मंगल दोष निष्प्रभावी हो जाता है 
3 - यदि वरकन्या की जन्म पत्रिका में मंगल की चंद्र अथवा गुरु से युति हो तो मंगल दोष माने नहीं होता है
4-  यदि लग्न में मंगल अपनी स्वराशि में इसमें अथवा चतुर्थ भाव में अपनी स्वराशि वृश्चिक में अथवा मकर 
5-  यदि मंगल पर गुरु की पूर्ण दृष्टि हो तो मंगल दोष ने सुनवाई होता है


  शांति पूजा से भी इस दोष को हमेशा के लिए समाप्‍त किया जा सकता है।
  एकाधिक मांगलिक दोष  यदि आपकी कुंडली में डबल या ट्रिपल मांगलिक दोष है तो इसे एकाधिक मांगलिक दोष कहा जाता है। इस दोष का उपाय कुभ विवाह है जिसके अंतर्गत मांगलिक जातक की मिट्टी के पॉट से विवाह कराया जाता है। विवाह के पश्‍चात् इस मिट्टी के पॉट को बहते जल में प्रवाहित कर दिया जाता है। इस उपाय से मांगलिक दोष पूरी तरह खत्‍म हो जाता ह
अगर आप भी इस तरह से परेशां हो तो करवाइये आप भी   मंगल दोष पूजा उज्जैन  ..!

Tuesday, May 19, 2020

जानिये किस तरह का दोष मंगल दोष होता है

कुंडली में मंगल की स्थिति के आधार पर मांगलिक दोष निर्भर करता है। कुंडली में मांगलिक दोष है यह जानकर ही लोग घबरा जाते हैं क्‍योंकि इसका प्रभाव वैवाहिक जीवन के लिए अत्‍यंत घातक होता है। मांगलिक दोष के बारे में यह अटूट विश्‍वास है कि जिनकी कुंडली में यह दोष हो उन्‍हें मंगली जीवनसाथी से ही विवाह करना चाहिए तभी उनका वैवाहिक जीवन सफल हो सकता है।कैसे बनता है मंगल दोष…मंगल दोष अत्यधिक प्रभावशाली दोष है। मंगल ग्रह की स्थिति व दृष्टी दोनों ही मारक प्रभाव रखते हैं। मंगल दोष का सर्वाधिक प्रभाव विवाह सम्बंधों में पडता हैं। अत: जन्मकुंडली मिलान के समय मंगल दोष विचार अवश्य करना चाहिये। मंगल की जन्म कुंडली में विशेष भाव स्थिति मंगल दोष को उत्पन्न करती है।जब मंगल जन्म कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें एवम बारहवें स्थान में स्थित हो तो व्यक्ति मंगल दोष से युक्त होता हैं। मंगल का इन स्थानों में स्थित होने का मतलब है कि विवाह स्थान पर मंगल का प्रत्यक्ष प्रभाव पडना।

                        8 Most Successful Remedies To Mitigate Manglik Dosh! Must Follow
 मांगलिक दोष पूजा मंत्र = 
ॐ मंगलाय नमःॐ भूमि पुत्राय नमःॐ महाकाय नमःॐ सिद्ध मंगलाय नमःमागलिक दोष पूजा के लिए आवश्यक जानकारीजन्मतिथि, जन्म का समय, जन्म स्थान, गोत्र।एक से ज्यादा लोगों के नाम पर मंगल दोष पूजा कराने के लिए आपको हमें उनके नाम, जन्म तिथि, जन्म स्थान और गोत्र आदि की जानकारी देना अनिवार्य हैं
अगर आप भी इस तरह की पूजा करवाना चाहते है तो संपर्क करिये हमारे मंगल दोष पूजा उज्जैन विशेषज्ञ से

Monday, May 18, 2020

जानिए क्या है  आम विचार धारा मंगल दोष के बारे -

मांगलिक व्यक्ति विनम्र, निर्भय, प्रभावशाली, होशियार, केंद्रित, अनुशासित पर गुस्सैल होते हैं । उनमैं से जो वाइब्रेशन्स उत्पन्न होती हैं वे बहुत शक्तिमान एवं तेजस्वी होती हैं । इसी कारण ऐसा माना जाता हे की सिर्फ एक मांगलिक ही दूसरे मांगलिक की प्रकृति के साथ शांतिपूर्वक निभा सकता हे । एक और विचारधारा जो हमारे समाज मैं प्रचलित हे वह ये हे की 28 साल की उम्र के बाद मंगल का दोष कम हो जाता हे ।
इतिहास और मांगलिक प्रचलन
हमारे किसी पोराणिक ग्रंथ मैं मांगलिक दोष के बारे मैं नहीं कहा गया । उनके हिसाब से यह एक नया विचार हे । कहीं भी महाभारत, रामायण या पुराण मैं यह सामने नहीं आया की विवाह पूर्व कुंडली या ग्रह मिलाये जाते थे 

मांगलिक मिथक
यदि आप मंगलवार को पैदा हुए हैं तो आप पक्का मांगलिक हैं । यह बिल्कुल सच नहीं हे ।मांगलिक मिथकमांगलिक और अमांगलिक का तलक निश्चित हे। किसी भी शादी की उम्र दोनो लोगों के विचारों के मेल-जोल और समझदारी पे निर्भर करती हे ।  

                                                      

मांगलिक दोष के उपाय
कुछ और प्रसिद्ध दोष निवारण उपाय हैं - केसरिया गणपति की पूजा, लाल कपड़े का दान, पीपल के पेड़ की दूध से पूजा और घर पे हाथी दान्त रखना ।
मांगलिक दोष और हम
मांगलिक दोष सिर्फ जनमकुंडली के 5 घरों मैं मंगल की उपस्तिथि के बारे मैं नहीं हैं । खुले दिमाग से, समझदारी से, तर्क-वितर्क करके सोचैं या किसी सुशिक्षित वयक्ति से परामर्श करैं। डर कर अंधविश्वास के कुएँ मैं ना कूदें !
अगर आप भी इन सब समस्याओं से ग्रसित हैं तो तुरंत संपर्क करें हमारे मंगल दोष पूजा उज्जैनमंगल दोष पूजा उज्जैन  विशेषज्ञ पंडित जी से  

Sunday, May 10, 2020

आखिर कुंडली में कैसे बनता है मंगल दोष ??

`
कुंडली में होने वाला मंगल दोष अत्यधिक प्रभावशाली होता है।
कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति व दृष्टी दोनों ही प्रभाव रखते हैं ज्योतिष के अनुसार मंगल दोष का सबसे अधिक प्रभाव किसी मंगली के विवाह सम्बंधों में ही पड़ता हैं।
 इसलिए जन्मकुंडली मिलान के समय मंगल दोष का उपचार कर लेना आवश्यक होता है। मंगल दोष के कारण जीवनसाथी की मौत होने की भी आंशका रहती है।
 जब मंगल जन्म कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें स्थान में स्थित होता है
तब कोई व्यक्ति मंगल दोष से परेशान रहता है। 

                                                    मांगलिक दोष पूजा उज्जैन    
               
मंगल का इन स्थानों में स्थित होने जातक के विवाह संबंधों में परेशानी आती है।
मांगलिक दोष उपाय
 विवाह में देरी।
  विवाह तय होने के बाद टूट जाना, विवाह  होते ही वाधाएं आना। 
 शादी के बाद जीवनसाथी के साथ अनबन रहना।
 वैवाहिक जीवन में परेशानियां। मंगल जातक का हमेशा क्रोध करते रहना।
 मांगलिक दोष के प्रभाव में जातक क्रोधी, अहंकारी और झगड़ालू होता जाता है।
  मंगली लड़की  के विवाह में देरी मंगली लड़की के प्रभाव से पति पर बुरा असर होना।

इस तरह के पूजा के लिए संपर्क करे  मांगलिक दोष पूजा उज्जैन के लिए

Tuesday, May 5, 2020

वास्तु के हिसाब से कौन-सी दिशा का धन लाभ में सर्वाधिक महत्व है ?

घोड़े की नाल, रसोई घर में बल्ब और स्वास्तिक का रखें ध्यान-वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारे घर में वास्तु दोष के लिए कुछ हद तक हम स्वयं जिम्मेदार रहते है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की सुख, शांति व समृद्धि के लिए रसोई घर बहुत ही खास माना गया है। अगर आपके घर में रसोई घर गलत स्थान पर है तो अग्निकोण में बल्ब लगा दें। जिससे रसोई घर का वास्तु दूर हो जाएगा। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में घोड़े की नाल टांगना बड़ा ही शुभ माना गया है। इसलिए अपने मुख्य द्वार पर काले घोड़े की यू आकार की नाल लगा दें। जिससे आपको सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा मिलती रहेगी। इसी तरह घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर का बड़ा स्वास्तिक चिन्ह बना दें। क्योंकि हमारी संस्कृति में स्वास्तिक का विशेष महत्व है। घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाने से वास्तु दोष हट जाएगा।


सोने की दिशा, कचरा पेटी एवं टॉयलेट का रखें ध्यान-  वास्तु के अनुसार आपको घर में दक्षिण दिशा में सोना चाहिए। जिससे आपके स्वभाव में बदलाव होगा। ध्यान रखें कि पश्चिम की और सिर रख कर नहीं सोये। घर के उत्तर व पूर्व में कभी भी कचरा इकट्ठा ना होने दें और ना ही इधर भारी मशीनें रखें। यह आपके घर में वास्तु दोष का कारण बन सकता है। आप घर के उत्तर-पूर्व में कचरा पेटी रख दें। यदि आपके घर के पूर्व कोने में टॉयलेट है तो सीट को इस तरह लगाएं कि उस पर उत्तर या दक्षिण की और मुंह करके बैठ सके। इससे आपके घर का वास्तु दूर होगा और आपको हर काम में अवश्य ही सफलता   मिलेंगी।
घर में करवाएं रामायण का पाठ, रखें कलश, लगाएं
अगर आप भी इस तरह की पूजा करवाना चाहते हैं तो संपर्क करें हमारे वास्तु दोष पूजा उज्जैन  विशेषज्ञ से !
mangal dosh puja ujjain
वास्तु दोष पूजा उज्जैन
मंगलभात पूजा उज्जैन