Tuesday, April 28, 2020

जानिये क्‍या है मांगलिक दोष ?

ज्‍योतिषानुसार जन्‍मकुंडली में मंगल दोष को मांगलिक दोष भी कहा जाता है। कुंडली में मंगल की स्थिति के आधार पर मांगलिक दोष निर्भर करता है। कुंडली में मांगलिक दोष है यह जानकर ही लोग घबरा जाते हैं क्‍योंकि इसका प्रभाव वैवाहिक जीवन के लिए अत्‍यंत घातक होता है। मांगलिक दोष के बारे में यह अटूट विश्‍वास है कि जिनकी कुंडली में यह दोष हो उन्‍हें मंगली जीवनसाथी से ही विवाह करना चाहिए तभी उनका वैवाहिक जीवन सफल हो सकता है।कैसे बनता है मंगल दोष…मंगल दोष अत्यधिक प्रभावशाली दोष है। मंगल ग्रह की स्थिति व दृष्टी दोनों ही मारक प्रभाव रखते हैं। मंगल दोष का सर्वाधिक प्रभाव विवाह सम्बंधों में पडता हैं। अत: जन्मकुंडली मिलान के समय मंगल दोष विचार अवश्य करना चाहिये। मंगल की जन्म कुंडली में विशेष भाव स्थिति मंगल दोष को उत्पन्न करती है।जब मंगल जन्म कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें एवम बारहवें स्थान में स्थित हो तो व्यक्ति मंगल दोष से युक्त होता हैं। मंगल का इन स्थानों में स्थित होने का मतलब है कि विवाह स्थान पर मंगल का प्रत्यक्ष प्रभाव पडना।

                                               मांगलिक दोष पूजा विशेषज्ञ

 मांगलिक दोष पूजा मंत्र = 
ॐ मंगलाय नमःॐ भूमि पुत्राय नमःॐ महाकाय नमःॐ सिद्ध मंगलाय नमःमागलिक दोष पूजा के लिए आवश्यक जानकारीजन्मतिथि, जन्म का समय, जन्म स्थान, गोत्र।एक से ज्यादा लोगों के नाम पर मंगल दोष पूजा कराने के लिए आपको हमें उनके नाम, जन्म तिथि, जन्म स्थान और गोत्र आदि की जानकारी देना अनिवार्य हैं
अगर आप भी इस तरह की पूजा करवाना चाहते हो तो संपर्क करिये हमारे मांगलिक दोष पूजा विशेषज्ञ से
मंगल दोष पूजा उज्जैन 
मंगल भात पूजा उज्जैन

Saturday, April 25, 2020

जाने कैसे खत्म करें मांगलिक दोष को?

जानिये किस तरह प्रभावित करता है कुंडली में अगर मंगल दोष हो तो? कुंडली में मंगल दोष का होना। बहुत अधिक प्रभावशाली माना गया है। कुंडली में मंगल ग्रह की। दृष्टि एवं स्थिति दोनों का प्रभाव रहता ह , ज्योतिषी के अनुसार मंगल दोष जो होता है। उसका सबसे अधिक प्रभाव विवाह संबंधों में ही पड़ता है। इसलिए जन्म कुंडली मिलाने के दौरान मंगल दोष का समाधान करना अति आवश्यक होता है ,,क्योंकि मंगल दोष के ही कारण जो जीवनसाथी होता है उसके मौत होने तक की आशंका रहती है। किसी की जन्म कुंडली में जब मंगल पहले,चौथे एवं सातवें और आठवें तथा बारहवें स्थान में स्थित होता है। तभी जो दोष बनता है वह व्यक्ति मंगल दोष से परेशान रहता है।



जाने कैसे खत्म करें मांगलिक दोष को?

मांगलिक दोष का सर्वोत्तम उपाय होता है कि उसका विवाह मांगलिक से ही हो जाए। इससे जो मंगल दोष है, उसका प्रभाव कम हो जाता है। जो मांगलिक जातक रहता है। उसको कुंभ विवाह शालिगराम विवाह, तथा पीपल विवाह एवं मंगल यंत्र का पूजन आदि जरूर करना चाहिए। इसके कारण व सामान्य ग्रह के जातक से भी संबंध रख पाएगा। एवं इस उपाय से मंगल का दोष उतर जाता है।

जानिए आंशिक मांगलिक दोष के बारे में?

आंशिक मांगलिक दोष 18 वर्ष की आयु तक रहता है। इसके निवारण हेतु  पूजन एवं अनुष्ठान करना चाहिए। आंशिक मंगल दोष का दुष्प्रभाव शांति पूजा से भी कम हो जाता है।

क्या होता है एकाधिक मांगलिक दोष ?

कुंडली में बहुत सी बार एकाधिक मांगलिक दोष भी होता है। इसको समाप्त करने के लिए भी उपाय हैं। इसका मुख्य उपाय कुंभ विवाह करवाना होता है। जो मांगलिक जातक रहता है उसका विवाह किसी मिट्टी के बर्तन से करवा दें। विवाह होने के पश्चात , जिस बर्तन से विवाह कराया गया है उस बर्तन को बहते जल में प्रवाहित कर दें। इस उपाय से मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है।

जानिए और क्या करना चाहिए मांगलिक दोष के जातक को?

1- मांगलिक दोष वाले जातक को प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए !
2- जो लड़की मंगली रहती है उसको गणेश जी और मंगल यंत्र की पूजा करनी चाहिए।
3- जो मांगलिक रहता है उसको मंगलवार का व्रत करना चाहिए।
अगर आप इस दोष से परेशांन हो तो संपर्क करिएँ हमारे उज्जैन में मंगल दोष निवारण पूजा विशेषज्ञ पंडित जी से उज्जैन में और पूजा करवाएं दोष से मुक्ति पाये!

Tuesday, April 21, 2020

जाने कैसे खत्म करें मांगलिक दोष को?

जानिये किस तरह प्रभावित करता है कुंडली में अगर मंगल दोष हो तो  ??
कुंडली में मंगल दोष का होना। बहुत अधिक प्रभावशाली माना गया है। कुंडली में मंगल ग्रह की। दृष्टि एवं स्थिति दोनों का प्रभाव रहता ह , ज्योतिषी के अनुसार मंगल दोष जो होता है। उसका सबसे अधिक प्रभाव विवाह संबंधों में ही पड़ता है। इसलिए जन्म कुंडली मिलाने के दौरान मंगल दोष का समाधान करना अति आवश्यक होता है ,,क्योंकि मंगल दोष के ही कारण जो जीवनसाथी होता है उसके मौत होने तक की आशंका रहती है। किसी की जन्म कुंडली में जब मंगल पहले,चौथे एवं सातवें और आठवें तथा बारहवें स्थान में स्थित होता है। तभी जो दोष बनता है वह व्यक्ति मंगल दोष से परेशान रहता है।

जाने कैसे खत्म करें मांगलिक दोष को?
मांगलिक दोष का सर्वोत्तम उपाय होता है कि उसका विवाह मांगलिक से ही हो जाए। इससे जो मंगल दोष है, उसका प्रभाव कम हो जाता है। जो मांगलिक जातक रहता है। उसको कुंभ विवाह शालिगराम विवाह, तथा पीपल विवाह एवं मंगल यंत्र का पूजन आदि जरूर करना चाहिए। इसके कारण व सामान्य ग्रह के जातक से भी संबंध रख पाएगा। एवं इस उपाय से मंगल का दोष उतर जाता है।

जानिए आंशिक मांगलिक दोष के बारे में ?
आंशिक मांगलिक दोष 18 वर्ष की आयु तक रहता है। इसके निवारण हेतु  पूजन एवं अनुष्ठान करना चाहिए। आंशिक मंगल दोष का दुष्प्रभाव शांति पूजा से भी कम हो जाता है।

क्या होता है एकाधिक मांगलिक दोष ?
कुंडली में बहुत सी बार एकाधिक मांगलिक दोष भी होता है। इसको समाप्त करने के लिए भी उपाय हैं। इसका मुख्य उपाय कुंभ विवाह करवाना होता है। जो मांगलिक जातक रहता है उसका विवाह किसी मिट्टी के बर्तन से करवा दें। विवाह होने के पश्चात , जिस बर्तन से विवाह कराया गया है उस बर्तन को बहते जल में प्रवाहित कर दें। इस उपाय से मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है।

जानिए और क्या करना चाहिए मांगलिक दोष के जातक को?
1-मांगलिक दोष वाले जातक को प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए !
2-  जो लड़की मंगली रहती है उसको गणेश जी और मंगल यंत्र की पूजा करनी चाहिए।
3- जो मांगलिक रहता है उसको मंगलवार का व्रत करना चाहिए।
अगर आप इस दोष से परेशां हो तो संपर्क क्रिया हमारे पूजा विशेषज्ञ पंडित जी से उज्जैन में और पूजा करवाएं दोष से मुक्ति पाये!