कालसर्प एक ऐसा योग है जो जातक पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या श्राप के फलस्वरूप उसकी जन्म कुण्डली मे परिलक्षित होता है!
व्यवहारिक रूप से पीडित व्यक्ति आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशान तो होता ही है! एवं उसे संतान कष्ट का सामना करना पड़ता है!
वह जातक स्वयं को दुर्बल व रोगी तथा शत्रुओं के द्वारा पीडित भी रहता है!
कैसे बनता है कालसर्प योग - जब जातक की जन्म कुंडली मे सारे ग्रह राहु और केतु के बीच अवस्थित रूप से रहते हैं तो उक्त कुण्डली मे कालसर्प दोष नामक योग निर्मित होता है! kaalsarp dosh puja ujjain
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