Friday, October 1, 2021

जानिये कैसे बनता कालसर्प दोष आपकी कुंडली में ?

 कालसर्प एक ऐसा योग है जो जातक पूर्व जन्म के किसी जघन्य अपराध के दंड या श्राप के फलस्वरूप उसकी जन्म कुण्डली  मे परिलक्षित होता है!

व्यवहारिक रूप से पीडित व्यक्ति आर्थिक व शारीरिक रूप से परेशान तो होता ही है! एवं  उसे संतान कष्ट का सामना करना पड़ता है!

वह जातक स्वयं को दुर्बल व रोगी तथा शत्रुओं के द्वारा पीडित भी रहता है!

कैसे बनता है कालसर्प योग - जब जातक की जन्म कुंडली मे सारे ग्रह राहु और केतु के बीच अवस्थित रूप से  रहते हैं तो उक्त कुण्डली मे कालसर्प दोष नामक योग निर्मित होता है! kaalsarp dosh puja ujjain 


ये कालसर्प योग मुख्यतः 12 प्रकार के होते हैं, जिसका प्रभाव जातक की गौचर मे निर्मित ग्रहों की यथावत स्थिति पर निर्भर करता है!कि जातक कों किस प्रकार का कालसर्प दोष बना हैसभी जातकों पर इसका एक समान प्रभाव नहीं पड़ता है!ये उस जातक की कुण्डली पर परस्पर ग्रहों की उच्च, निच,कारक,अकारक,अवस्था,अंशादि,पर प्रभावित करता है!कालसर्प दोष जितना कष्टदायक होता है उतना ही ऐश्वर्य दायक भी होता है

अगर आप भी इस दोष से परेशां हो तो सम्पर्क करे हमारे कालसर्प दोष पूजा विशेषज्ञ उज्जैन में पंडित जी से 

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