किसी जातक की जन्मकुंडली में जब राहु और केतु के मध्य में सभी गृह आ जाते है ऐसी स्तिथि में कालसर्प दोष का निर्माण होता है.कालसर्प दोष भी 12 प्रकार के होते है!
यह हर बार अलग अलग भावो में बनते है उसके कारण इनका प्रभाव भी अलग अलग रहता है, यह कालसर्प दोष जिसकी भी कुंडली में होता है उस जातक का जीवन बहुत ही कष्टमय होता है, उसके कोई भी कार्य आसान नहीं होते है कही कार्य तो ऐसे भी रहते है की होते होते भी रह जाते है कालसर्प दोष से पीड़ित जातक अपने परिवार रिश्तेदार एवं सामाजिक जीवन में संकट पूर्ण जीवन जीता है!
कब कराये इस दोष की पूजा :- वैसे उज्जैन और नाशिक में तो इसकी पूजा कभी भी करा सकते है, फिर भी इसकी पूजा के विशेष दिन रहते है! अगर उस दिन कराये तो विशेष लाभ मिलता है
1- मासशिवरात्रि :- हर माह की त्रियोदशी को कृष्णपक्ष में आने वाली इस दिन मास शिवरात्रि मनाई जाती है , इस दिन भी kaalsarp dosh puja ujjain कराई जा सकती है यह दिन शिव् जी को समर्पित होने के कारण यह बहुत ही विशेष माना जाता है, इसकी पूजा से तुरंत ही फल मिलता है
2 - अमावस्या तिथि :- इस पूजा का सर्वश्रेष्ठ अगर तिथि से पूजा करवाना है तो माह महीने की अमावस्या ,श्रावण अमावस्या, और अश्विन अमावस्या, इन दिनों का विशेष महत्व रहता है और इन सब में भी अगरदि सोमवती या शनैश्चरी अमावस्या आ जाये तो और विशेष सहयोग हो जाता है
कभी कभी जैसे वैशाख हो और शनैश्चरी अमावस्या जैसे हो गयी तो बहुत ही शुभ अवसर हो जाता है
3 -पितृ पक्ष- पितृ पक्ष में भी आप किसी भी दिन कालसर्प दोष की पूजा करवा सकते हो कालसर्प दोष की शांति की पूजा के लिए ये दिन भी बहुत खास माने गए है
अगर आप भी कालसर्प दोष पूजा kaalsarp dosh puja ujjain करवाने चाहते हो तो उज्जैन या नाशिक किसी भी जगह तो सम्पर्क करिये हमारे पूजा विशेषज्ञ से
कॉल नाउ- 8989540544

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